Khet Talab Yojana 2026: अब खेती पानी के भरोसे नहीं, अपने तालाब के दम पर

Khet Talab Yojana 2026: किसान भाइयों, खेती में सबसे बड़ा रिस्क हमेशा पानी का ही रहता है। मानसून सही रहा तो फसल लहलहा जाती है, लेकिन ज़रा-सी गड़बड़ हुई नहीं कि सारी मेहनत मिट्टी में मिल जाती है। ट्यूबवेल चलाओ तो डीज़ल और बिजली का खर्च अलग से जेब पर भारी पड़ता है। ऐसे में किसान हर साल इसी चिंता में रहता है कि पानी का इंतज़ाम कैसे होगा।

इसी परेशानी को समझते हुए उत्तर प्रदेश सरकार 2026 में खेत तालाब योजना को और मजबूती से लागू करने जा रही है। इस योजना के तहत सरकार किसानों से साफ कह रही है कि आप अपनी ज़मीन पर तालाब खुदवाइए, खर्च का आधा पैसा सरकार देगी। यानी पानी की टेंशन भी खत्म और खेती भी सुरक्षित।

Khet Talab Yojana 2026

सरकार कितना पैसा दे रही है

अगर आप अपने खेत में एक छोटा तालाब बनवाते हैं, तो इसमें लगभग 1 लाख 5 हजार रुपये का खर्च आता है। एक सामान्य किसान के लिए यह रकम एक साथ लगाना आसान नहीं होता। इसी जगह सरकार मदद के लिए आगे आती है।

सरकार तालाब निर्माण की कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी करीब 52,500 रुपये सब्सिडी के रूप में सीधे देती है। इससे किसान पर बोझ आधा रह जाता है और तालाब बनवाना आसान हो जाता है।

सिर्फ यही नहीं, तालाब का पानी खेत तक पहुंचाने के लिए अगर आप पंप सेट लेते हैं, तो उस पर भी 15,000 रुपये तक की अलग से सहायता मिलती है। यानी तालाब भी बना और सिंचाई का इंतज़ाम भी, वो भी कम खर्च में।

Khet Talab Yojana 2026 जरूरी शर्त

सरकारी योजना है तो कुछ नियम भी होंगे। इस योजना की सबसे अहम शर्त यह है कि किसान को पानी की बचत करने वाली तकनीक अपनानी होगी। सरकार यह नहीं चाहती कि तालाब का पानी बेकार जाए।

इसलिए यह योजना उन्हीं किसानों को दी जा रही है जिनके खेत में पहले से ड्रिप इरिगेशन या स्प्रिंकलर सिस्टम लगा हुआ है। जो किसान अब भी खुली सिंचाई यानी फ्लड इरिगेशन करते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। सरकार का साफ मकसद है कि पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल हो।

तालाब से सिर्फ सिंचाई नहीं, कमाई भी होगी

खेत में तालाब होना सिर्फ पानी जमा करने तक सीमित नहीं है। समझदार किसान इस तालाब से अतिरिक्त आमदनी भी कर सकता है। अगर तालाब में मछली पालन शुरू कर दिया जाए, तो साल भर एक अतिरिक्त इनकम का रास्ता खुल जाता है।

बारिश के पानी में मछलियां पाली जा सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उसी पानी से फसल की सिंचाई भी की जा सकती है। इससे खेती की लागत निकल जाती है और घर का खर्च भी आराम से चलता है। एक तरह से यह तालाब किसान के लिए दोहरा फायदा देता है।

किन किसानों को पहले मौका मिलेगा

हालांकि Khet Talab Yojana 2026 पूरे प्रदेश में लागू है, लेकिन सरकार उन इलाकों को प्राथमिकता दे रही है जहां भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है, यानी जो इलाके डार्क जोन में आते हैं।

इसके साथ ही लघु और सीमांत किसान, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को भी इस योजना में पहले शामिल किया जाएगा, ताकि जिन किसानों को सबसे ज्यादा जरूरत है, उन्हें सबसे पहले फायदा मिल सके।

Khet Talab Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इसके लिए आपको उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.com पर जाना होगा।

वेबसाइट पर खेत तालाब योजना का विकल्प मिलेगा, जहां रजिस्ट्रेशन करना होगा। आवेदन के समय जमीन की खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और सिंचाई यंत्र से जुड़े दस्तावेज साथ रखने होंगे। रजिस्ट्रेशन के दौरान मामूली सी टोकन राशि भी जमा करनी पड़ सकती है।

सरकारी योजनाओं में हमेशा भीड़ रहती है और जो पहले आवेदन करता है, उसी को पहले लाभ मिलता है। इसलिए बेहतर यही है कि 2026 का बजट आने का इंतजार न करें। अपने जिले के कृषि अधिकारी से अभी संपर्क करें या नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें।

खेत तालाब योजना 2026 उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो हर साल पानी की कमी से जूझते हैं। आधी लागत सरकार उठाती है, सिंचाई का पक्का इंतज़ाम होता है और मछली पालन से अतिरिक्त कमाई का रास्ता भी खुलता है। अगर आप खेती को भगवान भरोसे छोड़ने के बजाय उसे स्मार्ट और सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए बिल्कुल सही मौका है।

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